हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल, मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,
हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
मुकुंद माधव गोविन्द बोल,

हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
हरि बोल हरि बोल हरि हरि हरि बोल,
केशव माधव गोविन्द बोल,

hari-bol-hari-bol-hari-hari-bol-

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ओ मेरे सांवरिया इक अर्ज़ी है सुनले

सिर पे दोनों हाथ फेर दे तेरा की घट जावे गा तेरा कुछ न बिगड़े गा तेरा टाबरियां तर जावेगा,

हाय रे मेरे प्रियतम मोहना, तुझ बिन कहाँ सुख पायें,